जामताड़ा के फतेहपुर प्रखंड स्थित प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, जामताड़ा द्वारा वर्ष 2024-25 में निर्मित मॉडल फुटबॉल स्टेडियम की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण पूरा होने के करीब एक वर्ष के भीतर ही स्टेडियम के चेंजिंग रूम की दीवारों और चहारदीवारी में कई जगह दरारें उभर आई हैं। भवन की कुछ खिड़कियों के शीशे भी टूट चुके हैं, जिससे स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों में नाराजगी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इतने कम समय में भवन का क्षतिग्रस्त होना निर्माण कार्य में लापरवाही का संकेत है। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। वहीं स्टेडियम परिसर में लगे शिलापट्ट पर अंकित लगभग 83.03 लाख रुपये की प्राक्कलित राशि को काले रंग से ढंक दिए जाने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय खिलाड़ियों ने बताया कि मैदान में घास नहीं लगाए जाने से खेल के दौरान चोट लगने का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि स्टेडियम का निर्माण खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन वर्तमान स्थिति निराशाजनक है।
इस संबंध में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कनीय अभियंता सत्यनारायण दास ने कहा कि मामले की जानकारी अब मिली है। जांच कराई जाएगी और यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


