देवघर के रोहिणी रेलवे बाईपास नई लाइन का गुरुवार को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS), पूर्वी सर्किल ने निरीक्षण किया। निरीक्षण जसीडीह स्थित रोहिणी से लेकर बदना टील्हा स्थित जसीडीह लिंक केबिन तक किया गया। इस दौरान नई पटरी पर स्पीड ट्रायल भी किया गया। प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज खा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान रेलवे के कार्य और गुणवत्ता की सराहना की गई। उन्होंने बताया कि ट्रैक निर्माण के दौरान पेड़ों की कटाई के एवज में रेलवे ने राज्य सरकार को भुगतान किया है, ताकि दोगुनी संख्या में पौधे लगाए जा सकें। इसका कार्य शुरू हो चुका है। रेलवे की ओर से करीब 1500 पौधे स्वयं लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि नई लाइन निर्माण में चट्टानों को काटना बड़ी चुनौती थी। सामान्य मशीन से काम नहीं होने पर केमिकल की मदद से चट्टानों को हटाया गया। वहीं, कंक्रीट की दीवार का निर्माण भी इंजीनियरों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। नई लाइन शुरू होने से ट्रेनों के इंजन बदलने में लगने वाला करीब एक से डेढ़ घंटे का समय बचेगा। CRS ने बताया कि करीब 4-5 दिनों में सुरक्षा प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाएगा। मौके पर रेलवे के दर्जनों अधिकारी मौजूद थे।

