देवघर। ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए व गोट ट्रस्ट द्वारा देवघर जिले में ग्रामीण किसानों को लाइवस्टॉक वैल्यू-चेन आधारित उद्यमिता पर विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह कार्यक्रम SBI फाउंडेशन के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों को केवल पशु पालक नहीं, बल्कि स्वतंत्र उद्यमी और स्टार्टअप मालिक के रूप में विकसित करना है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य ऐसे सफल ग्रामीण उद्यमियों को तैयार करना है, जो अपने स्वयं के व्यवसाय खड़े कर सकें और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित कर सकें। ट्रेनिंग में बकरी पालन एवं बकरी आधारित वैल्यू-चेन, पोल्ट्री फार्मिंग एवं पोल्ट्री लीजिंग मॉडल, डेयरी फार्मिंग, किचन गार्डन एवं जैविक खाद (मैन्योर) प्रसंस्करण आदि शामिल हैं। इन सभी उद्यमों को आवश्यक इनपुट उपलब्ध कराने हेतु “पशुमार्ट” नामक एक विशेष उद्यम मॉडल का विकास है। इसके साथ ही “द गोट ट्रस्ट” बकरी एवं पोल्ट्री वैल्यू-चेन में एक सहकारी मॉडल की स्थापना करने जा रहा है। इस सहकारी मॉडल के अंतर्गत रौमास ब्रांड नाम से पैकेज्ड मीट लॉन्च किया जाएगा, जो झारखंड की पारंपरिक रेसिपी “अड्डे” को भी बाजार से जोड़ेगा और स्थानीय स्वाद को राष्ट्रीय पहचान दिलाएगा। संस्था वर्तमान में बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान डिजिटल लाइवस्टॉक फार्मर स्कूल जैसे नवाचारों पर भी कार्य कर रही है, जो राज्य में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर लागू किए जा रहे हैं। द गोट ट्रस्ट का झारखंड में पहले से एक क्षेत्रीय केंद्र स्थापित है, जो राज्य के विभिन्न जिलों में बकरी एवं पोल्ट्री वैल्यू-चेन को संगठित और सशक्त बनाने का कार्य करेगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सभी अवधारणाएँ झारखंड राज्य के लिए पूर्णतः नई हैं। और इस तरह का समग्र वैल्यू-चेन आधारित उद्यमिता मॉडल पहले कभी लागू नहीं किया गया है। यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं और किसानों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक नई राह भी दिखाएगी। इस मीटिंग में उपस्थित सीईओ अनिल कुमार, कृषि विभाग के शशांक, नंदलाल मंडल,
कृषि पदाधिकारी वीणा कुमारी टुडू , डैविड कुमार हांसदा रीता कुमारी, प्रमोद कुमार, मुरारी कुमार झालू पुझार सभी किसान उपस्थित रहे।


