गिरिडीह। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करने पहुंचे छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट का मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। शनिवार को गिरिडीह परिसदन भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने घटना को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए सरकार पर छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि हजारीबाग, रांची और गिरिडीह में छात्रों को डंडे लेकर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़े वीडियो में मारपीट करने वालों की पहचान स्पष्ट है, ऐसे लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
उन्होंने गिरिडीह की घटना को सुनियोजित बताते हुए झामुमो कार्यकर्ता इमरान अजीज खान के सोशल मीडिया संदेश की जांच कराने की मांग की। मरांडी ने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं को पार्टी कार्यालय पहुंचने का संदेश दिया गया था।
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने की जितनी कोशिश करेगी, आंदोलन उतना ही उग्र होगा। भाजपा सड़क से लेकर सदन तक छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि डंडे के बल पर शांति कायम नहीं की जा सकती। सरकार को दमन की नीति छोड़कर छात्रों की मांगों और उनकी आवाज को गंभीरता से सुनना चाहिए। प्रेस वार्ता में कई भाजपा नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
