जय प्रकाश नारायण केन्द्रीय कारा,हज़ारीबाग से 31 दिसंबर की रात्रि भागे तीन कैदियों को पुलिस ने महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद डीसी-एसपी ने तीन एसआईटी गठित की थी। जेल से फिरार 03 तीनों कैदियों के द्वारा जेल सें भागने के बाद सबसे पहले सिन्दर चौक राया सिन्दर से टोटो पकडकर ईचाक थाना क्षेत्र क करहा गांव में देवा भई अपने साड् के यहॉ गया । ईचाक ‘कुरहा से पिकअप गाडी से बरकठा गया, बरकठा से बरही होते हुए कोडरमा गये, कोडरमा लोकल ट्रेन पकडकर गया गये और गया से ट्रेन पकडकर क्यूल होते हुए जसीडीह गये जहां पर तीनों कंदियों के द्वारा पूना जाने वाले ट्रेन का’ 02 दिनों’ तक इंतजार करते रहे। दिनांक-04.01.2026 रविवार को जसीडीह से जसीडीह ‘पुणे एक्सप्रेस ट्रेन पकडकर महाराष्ट से दिनांक-06.01.2026 को सुबह 08.00 बजे उतर गये दौण्ड जंक्शन बस पकडकर स्टैण्ड उतरे वहां से पैदल 12 से 15 कि०मी० पैदल चलकर कोरटी चौक पहॅँचे जहाँ पूर्व परिचित ईटा भटठा मालिक से मुलाकात हई और वहां ईट भटठा में मजदूरी करने लगे कतरास थाना पुलिस के द्वारा वर्ष 2020 में पोक्सों केस में देव कमार भुईया को जैल भेजा गया था जो करीब 1 वर्ष धनबाद जेल में रहा और अपने साथी अकित रवानी क साथ। जुलाई 2021 जेलवार्ड का खिडकी काटकर चाहर दीवारी फॉदकर जेल से से भाग गया था। हजारीबाग जेल में सेक्टर 06 क वार्ड में 04 में 03 तीनों कैदी रह रहा था जो दूसरे तत्ला पर हैं। तीनों को अलग अलग पोक्सो कैश में सजा हुआ था। ये तीनो लोग आपस में जेल में ही प्लान बनाया कि हमलोगों को आजीवन कारावास का सजा’ हो गया है, अब ‘हमलोग का जिन्दगी भर जेल मैं ही रहना पडेगा। इसलिए जेल से भागने का उपाय करना पडेगा।
