पाकुड़: गुरुवार को नगर परिषद कार्यालय के बाहर असामान्य हलचल थी। परिसर में समर्थकों, पार्षदों के परिचितों और आम लोगों की भीड़ जुटी हुई थी। अंदर उपाध्यक्ष पद के लिए पड़े मतों की गिनती चल रही थी, जबकि बाहर खड़े लोग सांसें थामे नतीजे का इंतजार कर रहे थे। हर किसी की नजर मतगणना कक्ष से आने वाली खबर पर टिकी थी।कुछ देर बाद अंदर से सूचना आई कि एक मत अमान्य घोषित कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट हुआ कि दोनों प्रत्याशी राणा ओझा और रूपाली सरकार को 10-10 मत मिले हैं। यह खबर बाहर पहुंचते ही भीड़ में कुछ पल के लिए सन्नाटा छा गया। किसी ने भी ऐसे परिणाम की उम्मीद नहीं की थी।
बाहर शुरू हो गई चर्चाएं
बराबरी की स्थिति बनने के बाद मतगणना स्थल के बाहर खड़े लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे क्रॉस वोटिंग का नतीजा बता रहे थे, तो कुछ इसे किसी रणनीति या साजिश से जोड़कर देख रहे थे। वहीं कई लोग इसे मतदान के दौरान हुई किसी गलती का परिणाम मान रहे थे।इसी बीच प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि नियम के अनुसार बराबरी की स्थिति में विजेता का फैसला लॉटरी के जरिए किया जाएगा। यह सुनते ही दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों की धड़कनें तेज हो गईं और सबकी नजर अंतिम फैसले पर टिक गई।
अधिकारियों की मौजूदगी में निकली लॉटरी
जिला निर्वाचन पदाधिकारी मनीष कुमार और अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन की मौजूदगी में लॉटरी की प्रक्रिया पूरी कराई गई। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। लॉटरी में किस्मत ने राणा ओझा का साथ दिया और उन्हें विजेता घोषित किया गया।
समर्थकों ने फूल-मालाओं से किया स्वागत
इसके साथ ही राणा ओझा नगर परिषद के नए उपाध्यक्ष निर्वाचित हो गए। परिणाम घोषित होते ही उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब डेढ़ बजे जब राणा ओझा नगर परिषद कार्यालय से बाहर निकले तो समर्थकों ने उन्हें फूल-मालाओं से लाद दिया और जीत की बधाई दी।मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि राणा ओझा की जीत से शहर के विकास को नई दिशा मिलेगी और नगर परिषद क्षेत्र में विकास के नए काम आगे बढ़ेंगे।
