पाकुड़ जिले के मालपहाड़ी ओ.पी. क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। सामान लेने दुकान गई एक नाबालिग बच्ची को गांव के ही 4 युवकों ने अपने 2 अन्य साथियों के साथ मिलकर अगवा कर लिया।आरोपियों ने बच्ची को अलग-अलग सुनसान जगहों और एक चलते हाईवा (ट्रक) पर ले जाकर 2-3 दिनों तक बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हाईवा चालक और खलासी समेत 3 आरोपियों को दबोच लिया है। एसपी निधि द्विवेदी ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान मामले का खुलासा किया।
दहशत के वो 72 घंटे: हाईवा को ही बना लिया था ठिकाना
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 17 फरवरी को जब वह गांव में स्थित एक दुकान जा रही थी, तभी आरोपियों ने उसे पकड़ लिया। उसे एक हाईवा (JH16H-0651) पर लादकर ले जाया गया। आरोपियों ने करीब 3 दिनों तक उसके साथ दरिंदगी की। मामले की शिकायत 6 मार्च को मालपहाड़ी ओ.पी. में दर्ज कराई गई, जिसके बाद एसपी के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया।
कौन हैं ये ‘दरिंदे’?
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर छापेमारी कर तीन को गिरफ्तार किया जिसमें दशरथ किस्कु (22),सकल टूडु (20): हाईवा का खलासी, प्रधान मरांडी (21): हाईवा का चालक शामिल हैं।
हालांकि पुलिस को घटना में इस्तेमाल किया गया हाईवा ट्रक संख्या JH16H-0651 मिला। वहीं बीएनएस (BNS) की धारा 70(2) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। एसपी निधि द्विवेदी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम बनाई गई थी। तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। वारदात में शामिल अन्य 3 आरोपियों की पहचान हो चुकी है, उन्हें जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
ये रही पुलिस की ‘क्रेक’ टीम:
इस कार्रवाई को मालपहाड़ी ओ.पी. प्रभारी राहुल गुप्ता के नेतृत्व में परमहंस प्रसाद, मंगल किस्कु, सुभजीत कुमार, अयोध्या राम, प्रदीप कुमार और सुनील रजक की टीम ने अंजाम दिया।


