DPS में पथराव, थाना घेराव, बाजार जाम करने वाले 63 नामजद और 550 अज्ञात पर मुकदमा
पाकुड़ गांधी चौक के पास स्कूल बस की चपेट में आकर महुआडांगा निवासी मिदुर कांत चंद्र की मौत के बाद पाकुड़ शहर में भड़की हिंसा अब उपद्रवियों पर भारी पड़ती दिख रही है। आगजनी, तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों पर पुलिस ने बड़ा शिकंजा कसते हुए 63 नामजद और 550 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। गिरफ्तारी के लिए शहरभर में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू कर दी गई है।घटना के बाद प्रशासन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की वैधानिक प्रक्रिया अपना रहा था और मृतक के परिजनों को मुआवजा व कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी जा रही थी। इसी बीच असामाजिक तत्वों ने भीड़ को उकसाया और देखते ही देखते 500 से 600 लोगों की भीड़ लाठी-डंडों के साथ सड़कों पर उतर आई।उपद्रवियों ने मुख्य सड़कें जाम कर दीं, दुकानों को जबरन बंद कराया, वाहनों में तोड़फोड़ की और थाना गेट, बस स्टैंड सहित कई जगहों पर टायर जलाकर आगजनी की। नगर थाना के पास बस खड़ी कर जाम लगाया गया और थाने का घेराव किया गया। हालात यहीं नहीं थमे—दिल्ली पब्लिक स्कूल में पथराव और तोड़फोड़ कर माहौल को और भड़काया गया, जिससे पूरे शहर में दहशत फैल गई।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने सख्त रुख अपनाया है। सीओ कुमार अरविंद बेदिया और डीपीएस के प्राचार्य जितेंद्र कुमार शर्मा के बयान पर अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। डीपीएस प्रबंधन की ओर से दर्ज मामले में भी 20 नामजद और 500 अज्ञात को आरोपी बनाया गया है।पुलिस का साफ संदेश है—
कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और उपद्रवियों को चिन्हित कर जल्द ही सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी है।

