पाकुड़: लिट्टीपाड़ा प्रखंड क्षेत्र के लेटबाड़ी गांव में सोमवार को एक परिवार का शोक उस समय विवाद में बदल गया, जब जमीनी विवाद के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया ठप हो गई। गांव निवासी सीताराम मुर्मु (50), पिता जयलाल मुर्मु, का बीमारी से निधन हो गया था। परिजन पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार दफनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन जिस जमीन पर अंतिम संस्कार होना था, उसे लेकर पहले से चल रहा विवाद अचानक सामने आ गया।
क्या है मामला
ग्रामीणों के अनुसार संबंधित भूखंड को लेकर दो पक्षों के बीच पुराना विवाद चल रहा है। मृतक के परिजन उसी जमीन पर दफनाने पर अड़े थे, जबकि दूसरे पक्ष ने उसे विवादित बताते हुए वहां अंतिम संस्कार का विरोध किया। विरोध के बीच दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो उठा।
शोक में डूबे परिजन, बढ़ी बेचैनी
परिवार के सदस्यों का कहना था कि उक्त स्थान पर उनके पूर्वजों का भी दफन संस्कार होता रहा है और यह पारंपरिक स्थल है। ऐसे में किसी अन्य स्थान पर अंतिम संस्कार करना उनके लिए भावनात्मक रूप से कठिन है। दूसरी ओर विरोधी पक्ष का तर्क था कि जब तक भूमि विवाद का प्रशासनिक समाधान नहीं हो जाता, तब तक वहां किसी प्रकार की गतिविधि उचित नहीं है।घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया और शांति बनाए रखने की अपील की। एहतियातन गांव में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
नहीं बनी सहमति
खबर लिखे जाने तक दोनों पक्षों के बीच किसी प्रकार की सहमति नहीं बन पाई थी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि राजस्व अभिलेखों और स्थानीय स्तर पर जांच के बाद समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
