देवघर: सड़क सुरक्षा एवं स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर देवघर पुलिस प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। इसी कड़ी में प्रवीण पुष्कर, पुलिस अधीक्षक, देवघर के निर्देशानुसार दिनांक 11 एवं 12 मई 2026 को विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान मुख्य रूप से स्कूली बसों, टेम्पू एवं अन्य स्कूली वाहनों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित किया गया।
इस अभियान का नेतृत्व लक्ष्मण प्रसाद, पुलिस उपाधीक्षक सी0सी0आर0, देवघर तथा यातायात थाना प्रभारी, देवघर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। जांच अभियान के दौरान एस0के0पी0 विद्याविहार, संत फ्रांसिस स्कूल जसीडीह, संत फ्रांसिस स्कूल देवघर तथा सिन्हा इंटरनेशनल स्कूल रिखिया सहित विभिन्न शिक्षण संस्थानों के स्कूली वाहनों की गहन जांच की गई।
जांच के दौरान स्कूली बसों एवं टेम्पू में बच्चों की संख्या, वाहन की स्थिति, चालक के आवश्यक दस्तावेज, फिटनेस, परमिट एवं सुरक्षा मानकों की जांच की गई। पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन एवं वाहन चालकों के साथ बैठक कर उन्हें बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहने का निर्देश दिया। विशेष रूप से यह स्पष्ट किया गया कि किसी भी परिस्थिति में स्कूली वाहनों में बच्चों को ओवरलोड कर परिवहन नहीं किया जाए।
पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों को समझाते हुए कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस दौरान चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को वाहन में नहीं बैठाने तथा वाहन चलाते समय पूरी सावधानी बरतने की हिदायत दी गई।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसी भी स्कूली वाहन में ओवरलोडिंग या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित चालक एवं वाहन संचालकों के विरुद्ध विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन से भी अपील की कि वे अपने स्तर से वाहनों की नियमित मॉनिटरिंग करें तथा बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करें।
देवघर पुलिस द्वारा चलाया गया यह अभियान अभिभावकों एवं स्थानीय नागरिकों के बीच सराहना का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि इस प्रकार की नियमित जांच से सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण लगेगा और स्कूली बच्चों की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष चेकिंग अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा, ताकि जिले में सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था कायम रखी जा सके तथा स्कूली बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।



