देवघर जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य सामग्री के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए कई होटल, रेस्टोरेंट, आइसक्रीम पार्लर और ढाबों में छापेमारी की। इस दौरान विभागीय टीम ने कई प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं पकड़ीं, जिसके बाद संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान दूषित आटा, जला हुआ तेल, एक्सपायरी खाद्य सामग्री और बिना लाइसेंस संचालित प्रतिष्ठान पाए गए। विभाग ने कई दुकानों को नोटिस जारी करते हुए जुर्माना लगाया, वहीं कुछ प्रतिष्ठानों के लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित कर दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने भुरभुरा मोड़ स्थित एक रेस्टोरेंट में जांच के दौरान लगभग 15 किलो मिलावटी पनीर बरामद किया। जांच में पनीर की गुणवत्ता संदिग्ध पाए जाने के बाद उसे मौके पर ही जब्त कर नष्ट कराया गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में ओला आइसक्रीम प्रतिष्ठान की जांच के दौरान एक्सपायरी डेट वाले कई उत्पाद बरामद किए गए। टीम ने सभी खराब एवं अवधि समाप्त खाद्य सामग्री को जब्त करते हुए संचालक को चेतावनी दी। अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।
वहीं जसीडीह-मणिकपुर हाईवे स्थित कई ढाबों और होटलों में भी विशेष जांच अभियान चलाया गया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर गंदगी, बिना ढके खाद्य पदार्थ, रसोई में साफ-सफाई की कमी और पुराने जले हुए तेल का दोबारा इस्तेमाल होते पाया गया। विभाग ने संचालकों को तत्काल व्यवस्था सुधारने का निर्देश दिया।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने सभी होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को साफ-सफाई बनाए रखने, कर्मचारियों को एप्रन, ग्लव्स और हेयर नेट का अनिवार्य उपयोग कराने तथा वैध एफएसएसएआई लाइसेंस रखने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना लाइसेंस खाद्य सामग्री बेचने, एक्सपायरी उत्पाद रखने या जले हुए तेल का पुनः उपयोग करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग की इस कार्रवाई से जिले के होटल एवं खाद्य कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
