देवघर उपायुक्त ने इंटक वेल से लेकर जल शोधन प्रक्रिया तक की पूरी व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पानी के भंडारण, पंपिंग क्षमता, जल संचयन और वाटर फिल्ट्रेशन सिस्टम की कार्यप्रणाली को विस्तार से देखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बढ़ती गर्मी और जलस्तर में हो रहे बदलावों पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि फिल्ट्रेशन प्लांट से केवल शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल ही आम लोगों तक पहुंचे। साथ ही गर्मी के मौसम में जलापूर्ति से संबंधित शिकायतों का त्वरित निवारण करने के लिए विभागीय अधिकारियों को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा।
उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों और अभियंताओं को निर्देश दिया कि जलापूर्ति व्यवस्था का विशेष ध्यान अंतिम छोर यानी टेल-एंड तक रहने वाले लोगों पर रखा जाए, ताकि किसी भी परिवार को पानी की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले के हर नागरिक तक पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्लांट की तकनीकी व्यवस्था और मशीनों की कार्यक्षमता की भी जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अभियंताओं से नियमित मॉनिटरिंग करने और आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
इस मौके पर उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, कार्यपालक अभियंता राहुल प्रियदर्शी, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुरेंद्र किस्कू, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित सहायक अभियंता, कनीय अभियंता एवं संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


