देवघर_सरकारी लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पाथरौल थाना क्षेत्र के बारा गांव की 72 वर्षीय अमना बीबी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह जिंदा हैं और न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं।💬 अमना बीबी बताती हैं कि जब वह आंख का ऑपरेशन कराने अस्पताल पहुंचीं, तो आयुष्मान योजना का लाभ देने से यह कहकर इनकार कर दिया गया कि “रिकॉर्ड में आपकी मृत्यु दर्ज है।”मजबूरी में उन्हें उधार लेकर इलाज कराना पड़ा। घर लौटने के बाद जब उन्होंने जानकारी ली तो पता चला कि सरकारी सिस्टम में उन्हें मृत दिखाया गया है।❌ इसके कारण –वृद्धा पेंशन बंदराशन बंदप्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ बंदआयुष्मान कार्ड निष्क्रियगरीब और असहाय अमना बीबी अब भुखमरी की स्थिति में हैं। वह अनुमंडल पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी के कार्यालयों का कई बार चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।❓ सवाल उठता है –एक जिंदा महिला को आखिर किस आधार पर मृत घोषित किया गया?कौन है इस गंभीर लापरवाही का जिम्मेदार?👉 अमना बीबी ने प्रशासन से तत्काल जांच कर सभी सुविधाएं बहाल करने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।📢 यह खबर सिर्फ एक महिला की नहीं, बल्कि उस सिस्टम की कहानी है जहां कागजों में जिंदा लोगों को मरा हुआ बना दिया जाता है।

