बोकारो के सेक्टर-6 थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। इलाके के एक सुनसान हिस्से से भारी मात्रा में वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड और एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में महत्वपूर्ण सरकारी और निजी दस्तावेजों का मिलना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन और अनुमंडल कार्यालय की टीम जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-6 थाना पुलिस को बीती देर रात सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार के कार्ड बिखरे पड़े हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संगीता कुमारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर सभी दस्तावेजों और कार्डों को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संगीता कुमारी ने बताया कि बरामद किए गए दस्तावेजों में वोटर आईडी कार्ड, पैन कार्ड और कई बैंकों के एटीएम कार्ड शामिल हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये कार्ड असली हैं या नकली, सक्रिय हैं या निष्क्रिय, और इन्हें यहां किस उद्देश्य से फेंका गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल कार्यालय चास से भी एक विशेष जांच टीम सेक्टर-6 थाना पहुंची है। टीम दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किसी प्रकार के वित्तीय फ्रॉड, साइबर अपराध या चुनावी गड़बड़ी के लिए तो नहीं किया जाना था। वहीं यह संभावना भी जताई जा रही है कि रिजेक्ट या निष्क्रिय हो चुके कार्डों को किसी एजेंसी या व्यक्ति द्वारा यहां लाकर फेंक दिया गया हो।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ये दस्तावेज गलत हाथों में पड़ जाते तो इसका दुरुपयोग कर लोगों के बैंक खातों और व्यक्तिगत जानकारी के साथ बड़ी धोखाधड़ी की जा सकती थी। यही वजह है कि घटना के सामने आने के बाद इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है।
फिलहाल सेक्टर-6 थाना पुलिस पूरे मामले की विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर दस्तावेज यहां कौन और क्यों फेंक कर गया। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हो सकेगा।
अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि आखिर इन महत्वपूर्ण दस्तावेजों के पीछे का सच क्या है और इस मामले में कौन लोग शामिल हैं।
