देवघर। सुल्तानगंज से देवघर तक 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ पर सेवा और समर्पण की अनोखी मिसाल देखने को मिल रही है। कतरास, धनबाद निवासी नंदन चक्रवर्ती को लोग कांवरिया पथ का ‘दशरथ मांझी’ कह रहे हैं। नंदन 27 दिनों तक पूरे रास्ते की सफाई करते हुए बाबाधाम पहुंचे।
यात्रा के दौरान वे रास्ते में पड़े कंकड़, नुकीले पत्थर, गोबर, कूड़ा-कचरा और अन्य गंदगी हटाते हुए आगे बढ़ते हैं, ताकि कांवरियों को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके। वर्ष 2017 में कांवर यात्रा के दौरान नुकीले पत्थर से उनके पैर में गंभीर चोट लगी थी। इस घटना के बाद उन्होंने हर वर्ष कांवरिया पथ की सफाई करते हुए देवघर पहुंचने का संकल्प लिया।
2017 से अब तक नंदन लगातार इस सेवा को निभा रहे हैं। इस वर्ष वे सफाई के साथ मेडिकल सेवा भी दे रहे हैं। अपने साथ बैंडेज और प्राथमिक उपचार की सामग्री रखते हैं और घायल कांवरियों की तत्काल मदद करते हैं। बिना किसी स्वार्थ के उनकी यह सेवा श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
