महागामा, 20 जून। झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने शनिवार को मेहरमा प्रखंड में सात करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को सशक्त बनाकर सरकारी सेवाओं को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
मंत्री ने करीब छह करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंचलाधिकारी आवास, पर्यवेक्षीय एवं तृतीय-चतुर्थ वर्ग कर्मचारियों के आवास, प्रखंड परिसर विकास एवं अन्य निर्माण कार्यों का उद्घाटन किया। वहीं 25.73 लाख रुपये की लागत से बनने वाले प्रखंड परिसर के पार्किंग स्थल तथा 65.62 लाख रुपये की लागत से ईटहरी पंचायत में बनने वाले विवाह भवन का शिलान्यास भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि मजबूत आधारभूत संरचना बेहतर प्रशासन और समयबद्ध सेवा वितरण की नींव होती है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आम लोगों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि मेहरमा के भुस्खा पहाड़ को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए बड़ी परियोजना पर काम शुरू हो चुका है और जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा। भगैया पार्क की तर्ज पर मेहरमा में भी नया पर्यटन स्थल विकसित किया जाएगा।
दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राशन, पेंशन, आवास, बिजली और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, हरित वातावरण और सामुदायिक सुविधाओं का भी विस्तार करना है। उन्होंने बताया कि पंचायतों को पंद्रहवें वित्त आयोग की लंबित राशि उपलब्ध कराई गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों में तेजी आएगी।
मंत्री ने कहा कि महागठबंधन सरकार बनने के बाद पेंशन, राशन, अबुआ आवास और मंईयां सम्मान योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है। जेएसएलपीएस के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और बैंक क्रेडिट से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत उत्पादित आम विदेशों तक निर्यात हो रहे हैं, जबकि भगैया सिल्क को जीआई टैग मिलना क्षेत्र के बुनकरों के लिए बड़ी उपलब्धि है।
पेयजल समस्या पर उन्होंने कहा कि केंद्र से समय पर राशि नहीं मिलने के कारण कुछ जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, लेकिन राज्य सरकार उन्हें जल्द पूरा करने के लिए प्रयासरत है। तब तक पंचायत स्तर पर उपलब्ध राशि से चापाकलों की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि पंचायतों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार से लोगों को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए प्रखंड कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ रहा है। जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। भविष्य में ड्राइविंग लाइसेंस और स्वास्थ्य बीमा जैसी सेवाओं के लिए भी पंचायत स्तर पर शिविर आयोजित किए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि महागामा, मेहरमा और ठाकुरगंगटी के लोगों को भी विकसित क्षेत्रों जैसी सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकें।
