जामताड़ा जिले के नाला प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में प्रकृति पर्व करमा को लेकर उत्साह का माहौल है। भाई-बहन के प्रेम, सुख-समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक करमा पर्व मंगलवार, 22 सितंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा। पर्व को लेकर आदिवासी बहुल गांवों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पूजा स्थलों की साफ-सफाई और सजावट का कार्य भी किया गया है।करमा पर्व से पहले बहनें जावा डाली के समक्ष पारंपरिक करमा गीत गाकर अपने भाइयों की सुख-समृद्धि, कुशलता और दीर्घायु की कामना कर रही हैं। गांवों में महिलाएं और युवतियां समूह बनाकर पारंपरिक गीत गा रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में पर्व का उल्लास देखने को मिल रहा है।मंगलवार को बहनें उपवास रखकर विधि-विधान से करम डाल की पूजा करेंगी। इस दौरान करमा और धर्मा की कथा सुनाई जाएगी तथा पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य का आयोजन होगा। एकादशी तिथि 22 सितंबर की रात 8 बजे से 9:43 बजे तक बताई गई है। व्रत का पारण 23 सितंबर की सुबह 6 बजे से किया जा सकता है। करमा पर्व को लेकर घाटुयल समाज के लोगों में भी विशेष उत्साह है।

