रामगढ़” पतरातू प्रखंड के बासल थाना क्षेत्र के बीचा पंचायत अंतर्गत सालगो खुदिया टोला निवासी 41 वर्षीय मजदूर रामवृक्ष बेदिया पिछले 42 दिनों से लापता हैं। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मामले को लेकर लापता मजदूर की पत्नी आरती देवी ने रामगढ़ एसपी से पति की तलाश कराने की गुहार लगाई है।परिजनों के अनुसार रामवृक्ष बेदिया गांव के ही तिलका बेदिया के साथ 29 जनवरी को मजदूरी के लिए दिल्ली गए थे। तिलका ने उन्हें गुड़गांव में काम दिलाने की बात कही थी। दोनों पतरातू स्टेशन से जम्मूतवी एक्सप्रेस ट्रेन पकड़कर 31 जनवरी की रात दिल्ली पहुंचे और रातभर स्टेशन पर ही रुके।अगले दिन जिस व्यक्ति से काम को लेकर बात हो रही थी उससे संपर्क नहीं हो पाया। काफी प्रयास के बाद भी फोन रिसीव नहीं होने पर दोनों ने वापस घर लौटने का फैसला किया। तिलका बेदिया ने गोरखपुर जाने का टिकट लिया। इसी दौरान स्टेशन के बाहर कुछ अज्ञात लोगों ने दोनों को ऑटो में बैठाकर सुनसान जगह ले जाकर उनसे छिनतई की। रामवृक्ष से 1500 रुपये और तिलका से मोबाइल छीन लिया गया।इसके बाद दोनों किसी तरह दिल्ली स्टेशन पहुंचे और गोरखपुर जाने वाली ट्रेन में सवार हो गए। तिलका के अनुसार ट्रेन जब बस्ती स्टेशन पर रुकी और आगे चली तो रामवृक्ष अपनी सीट पर नहीं थे। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद तिलका अकेले ही गोरखपुर पहुंचा और वहां से छपरा होते हुए 2 फरवरी को अपने गांव लौट आया।लापता मजदूर की पत्नी आरती देवी ने बताया कि दिल्ली में रहने के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति ने तिलका के मोबाइल से फोन कर कहा कि दोनों को शराब और छेड़छाड़ के आरोप में पकड़ा गया है। उन्हें छुड़ाने के लिए पैसे भेजने को कहा गया। इसके बाद दोनों परिवारों ने मिलकर करीब साढ़े चार हजार रुपये मोबाइल पर भेजे थे, जिसके बाद फोन बंद हो गया।इस घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों को तिलका बेदिया की बातों पर संदेह है। परिजनों ने बासल थाना में गुमशुदगी का आवेदन दिया है और पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने, तिलका बेदिया से कड़ी पूछताछ करने तथा जिस मोबाइल नंबर पर पैसे मांगे गए थे उसकी लोकेशन की जांच कराने की मांग की है।आरती देवी ने बताया कि उनके पति ही परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें चार बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि तीन बेटियां और एक बेटा अभी घर पर ही हैं। उन्होंने कहा कि 42 दिन बीत जाने के बाद भी पति का कोई पता नहीं चलने से परिवार गहरे सदमे में है।
