रांची: झारखंड को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान का शुभारंभ सोमवार को मुख्यमंत्री Hemant Soren ने झारखंड मंत्रालय परिसर से किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागरूकता प्रचार-प्रसार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर राज्य के विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीले एवं प्रतिबंधित मादक पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और पूरे राज्य के विकास को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन को बर्बाद कर देती है तथा परिवारों को गहरे संकट में धकेल देती है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है और इसमें समाज की भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से व्यापक जन-जागरूकता अभियान शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाएगा और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर सख्ती से अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
इस अवसर पर स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री Irfan Ansari, मुख्य सचिव Avinash Kumar, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव Vandana Dadel, डीजीपी Tadasha Mishra सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह अभियान झारखंड को नशा मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


