देवघर: साइबर अपराधियों के खिलाफ देवघर पुलिस ने एक बार फिर अपना कड़ा शिकंजा कसा है। पुलिस अधीक्षक (SP) सौरव के स्पष्ट निर्देश और ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर धरातल पर दिखने लगा है। आज देवघर पुलिस को उस वक्त बड़ी सफलता हाथ लगी जब पाथरोल थाना क्षेत्र के लेड़वा स्थित एक निर्माणाधीन मकान में छापेमारी कर 6 शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
कैसे देते थे ठगी को अंजाम?
ये अपराधी फर्जी तरीके से Flipkart, Amazon, Airtel Payment Bank और Google पर PhonePe कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। ठगी के मुख्य तरीके इस प्रकार थे:
फेक कस्टमर केयर: गूगल पर अपना फर्जी नंबर अपलोड कर सहायता के नाम पर लोगों को झांसा देना।
कैशबैक का लालच: PhonePe/Paytm अधिकारी बनकर कैशबैक का लालच देकर ‘गिफ्ट कार्ड’ क्रिएट करवाना।
KYC और बैंक अपडेट: एयरटेल पेमेंट बैंक अधिकारी बनकर कार्ड चालू करने या सहायता के नाम पर ठगी करना।
बरामदगी और गिरफ्तारी
छापेमारी टीम ने मौके से अपराधियों के पास से 08 मोबाइल फोन और 09 सिम कार्ड बरामद किए हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों में सूरज कुमार दास, बिरेन्द्र कुमार दास, अरुण कुमार दास, डब्लू दास, संदीप कुमार दास और अजय कुमार दास शामिल हैं, जो सभी देवघर जिले के ही रहने वाले हैं।
SP सौरव का संकल्प: जड़ से खत्म होगा अपराध
हाल ही में हुई मासिक अपराध गोष्ठी में एसपी सौरव ने साइबर क्राइम पर अंकुश लगाने के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। आज की यह कार्रवाई दर्शाती है कि जिला पुलिस अब साइबर ठगों को संभलने का एक भी मौका नहीं देना चाहती। एसपी का लक्ष्य स्पष्ट है—देवघर की छवि को साइबर अपराध के कलंक से पूरी तरह मुक्त करना।
जनता की राय (Public Opinion)
हम अपने दर्शकों और देवघर की जनता से सीधे जुड़ना चाहते हैं:
क्या आप एसपी श्री सौरभ की इस त्वरित कार्यशैली और साइबर अपराधियों के खिलाफ उनके कड़े अभियान से खुश हैं?

