देवघर। गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने प्रेस वार्ता कर MMDR कानून को लेकर केंद्र सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए कानून के विरोध पर सवाल उठाए। दुबे ने कहा कि कोयला केवल झारखंड में ही नहीं, बल्कि ओडिशा, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भी उत्पादित होता है। ऐसे में पूरे देश में कोयले का समान भाव होना जरूरी है, तभी बिक्री और प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि यदि झारखंड का कोयला महंगा होगा तो पावर प्लांट और कंपनियां यहां से कोयला खरीदना क्यों पसंद करेंगी। दुबे ने कहा कि MMDR कानून का विरोध केवल विपक्षी राज्यों को निशाना बनाने की बात नहीं है। तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी अलग-अलग समय में विपक्षी दलों की सरकारें रही हैं।
सांसद ने झारखंड सरकार पर बालू, गिट्टी और खनिज संसाधनों को लेकर भी आरोप लगाए। साथ ही JPSC और JSSC की परीक्षाओं में नियुक्तियों को लेकर पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को आंकड़े सार्वजनिक कर यह बताना चाहिए कि राज्य में कितने स्थानीय युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।
