कार्य में कोताही बरतने वाले को शोकॉज कर वेतन रोकने का दिया गया निर्देश………..
उपायुक्त ने जिले के दसों प्रखंडों में सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का दिया सख्त निर्देश………..
देवघर उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की प्रखंडवार विस्तृत समीक्षा करते हुए कार्य की गति को सुधारने का निर्देश सभी प्रखंडो के प्रखंड विकास पदाधिकारी दिया।
इसके अलावा बैठक के दौरान उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति न पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के प्रति गहरा रोष प्रकट किया और कार्यप्रणाली में सुधार लाने का सख्त निर्देश दिया। बैठक की शुरुआत में उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि लाभुकों के e-KYC के कार्य को मिशन मोड में चलाकर शत-प्रतिशत पूर्ण करें। इसके साथ ही, विभिन्न योजनाओं के लंबित जिओ टैगिंग को अविलंब पूरा करने का आदेश दिया, ताकि भुगतान प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। आगे उपायुक्त द्वारा ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा के क्रम में अबुवा आवास योजना, बाबा साहब अंबेडकर आवास योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित घरों को जल्द पूरा करने का निर्देश। साथ ही आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यो की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण, खेल का मैदान, शेड, गार्डवाल, सोकपिट और ग्रामीण सड़कों के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया। आगे उपायुक्त ने पी.एम. जनमन योजना और डाकिया योजना, बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना, दीदी बाड़ी योजना, कूप निर्माण, जेएसएलपीएस, आम बागवानी योजना के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा करते हुए विभिन्न योजनाओं में आ रही देरी पर संबंधित अधिकारियों व कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया।
क्षेत्र भ्रमण पर जोर और सख्त चेतावनी….
योजनाओं की जमीनी स्थिति पर नाराजगी जाहिर करते हुए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयी आंकड़ों तक सीमित न रहें। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अभियंताओं को अनिवार्य रूप से जमीनी स्तर पर क्षेत्र भ्रमण कर क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट चेतावनी दी कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। आगे उपायुक्त ने गर्मी को देखते हुए जिले के दसों प्रखंडों में पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में आमजनों को पेयजल के लिए असुविधा न हो, इसके लिए विभाग समन्वय बनाकर काम करें। साथ ही खराब पड़े चापाकलों की त्वरित मरम्मत कराई जाए। वही चिन्हित ‘ड्राई जोन’ क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से ससमय पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त खराब सोलर आधारित जल मीनारों को अविलंब दुरुस्त कर चालू किया जाए, ताकि आमजनों को पेयजलापूर्ति से जुड़ी असुविधा किसी भी सूरत में न हो।

