देवघर: श्रावणी मेले से पहले श्रद्धालुओं और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘नमो सेवा’ एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत पर अब सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार सुबह मोहनपुर थाना क्षेत्र के देवघर-गोड्डा मुख्य मार्ग स्थित रमजोरिया पुल के पास चलती नमो सेवा एम्बुलेंस (आरजे-11पीए-4579) में अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बैटरी के तार में शॉर्ट सर्किट होने से वाहन से धुआं निकलने लगा। हालांकि चालक की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की तत्परता से कुछ ही मिनटों में आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
एम्बुलेंस चालक आकाश कुमार ने बताया कि वह सुबह करीब नौ बजे मोहनपुर से एक मरीज को लेने जा रहे थे। तभी रमजोरिया पुल के पास बैटरी से चिंगारी निकली और आग लग गई। उन्होंने तत्काल वाहन रोककर आसपास के लोगों की मदद से आग बुझाई। आग की वजह से एम्बुलेंस की वायरिंग पूरी तरह जल गई और वाहन सड़क किनारे ही खराब होकर खड़ा रह गया। देर शाम तक एम्बुलेंस वहीं खड़ी रही।
गौरतलब है कि गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने 22 जून को श्रावणी मेले के मद्देनजर चार ‘नमो सेवा’ एम्बुलेंस का शुभारंभ किया था। उस समय दावा किया गया था कि मेले के दौरान मरीजों और श्रद्धालुओं को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए यह पहल की गई है। लेकिन महज सात दिन के भीतर एक एम्बुलेंस में आग लगने और दूसरी एम्बुलेंस के गैरेज में मरम्मत के लिए खड़ी होने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
देवघर-गोड्डा मुख्य मार्ग स्थित एक गैरेज में दूसरी नमो सेवा एम्बुलेंस की मरम्मत भी जारी है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एम्बुलेंस के एक लाख किलोमीटर चलने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मामले को लेकर संबंधित चालक ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अब लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या एम्बुलेंसों की तकनीकी जांच किए बिना ही उन्हें सेवा में उतार दिया गया था। प्रशासन या संबंधित एजेंसी की ओर से फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
