धनबाद। बाघमारा प्रखंड के चिटाही क्षेत्र में गुरुवार सुबह अवैध कोयला खनन के दौरान हुए हादसे में एक महिला की मलबे में दबकर मौत हो गई। घटना के बाद कोयला तस्करों द्वारा पुलिस के पहुंचने से पहले शव को हटाकर दामोदर नदी किनारे अंतिम संस्कार कर दिए जाने की चर्चा ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। इस घटना ने अवैध खनन, पुलिस की कार्यशैली और प्रशासनिक निगरानी पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, तड़के चिटाही स्थित अवैध खनन स्थल पर कोयला निकाला जा रहा था। इसी दौरान अचानक खदान की चाल धंस गई, जिसकी चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग घटनास्थल पर जुट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही अवैध खनन से जुड़े लोग सक्रिय हो गए। उन्होंने मलबे से शव को निकालकर तत्काल वहां से हटा दिया और दामोदर नदी के किनारे उसका अंतिम संस्कार कर दिया, ताकि घटना से जुड़े सबूत मिटाए जा सकें। यदि यह दावा सही है, तो यह कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
चिटाही और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध कोयला खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसके बावजूद इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन के कारण गरीब मजदूर लगातार अपनी जान जोखिम में डालने को मजबूर हैं।
फिलहाल घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, मृतका की पहचान सार्वजनिक की जाए तथा अवैध खनन के सरगनाओं और सबूत मिटाने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अब सभी की नजर पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
