रांची।झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी है। पार्टी ने वरिष्ठ नेता एवं लातेहार से विधायक बैजनाथ राम को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया है। इस संबंध में झामुमो के महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने जानकारी देते हुए बताया कि बैजनाथ राम 8 जून को अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
पार्टी की ओर से उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद झारखंड की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। झामुमो नेतृत्व के इस फैसले को संगठनात्मक और सामाजिक संतुलन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैजनाथ राम झारखंड की राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं और लंबे समय से सक्रिय राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं।
बैजनाथ राम तीन बार विधायक रह चुके हैं और झारखंड सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उन्हें झामुमो के प्रमुख दलित नेताओं में गिना जाता है। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है, वहीं संगठन के भीतर भी उनका व्यापक अनुभव और स्वीकार्यता रही है।
झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि बैजनाथ राम एक अनुभवी और संघर्षशील नेता हैं। उन्होंने पार्टी और जनता के बीच लगातार काम किया है। राज्यसभा में उनके अनुभव का लाभ झारखंड को मिलेगा।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झामुमो नेतृत्व द्वारा बैजनाथ राम को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि पार्टी ने सामाजिक प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक अनुभव को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया है। अब राज्यसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। बैजनाथ राम की उम्मीदवारी के साथ ही राज्यसभा चुनाव का राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है।
