धनबाद : बाघमारा क्षेत्र के सोनारडीह ओपी अंतर्गत टांडाबारी बस्ती में मंगलवार शाम करीब 6 बजे अचानक हुए भयावह भू-धसान से पूरा इलाका दहशत में आ गया। इस हादसे में कम से कम दो घर पूरी तरह जमीन में समा गए, जबकि मलबे में एक बच्ची समेत तीन लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, देर रात तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के तीन से चार घरों में भी दरारें पड़ने की सूचना है, जिससे दहशत में आए लोगों ने अपने घर खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया।अवैध उत्खनन या ब्लास्टिंग बना कारण।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से अवैध उत्खनन जारी है, जिसकी शिकायत कई बार की गई, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। लोगों का आरोप है कि इसी अवैध खनन के कारण जमीन कमजोर हो गई और यह बड़ा हादसा हुआ।
वहीं, कुछ ग्रामीण इस घटना के लिए बीसीसीएल द्वारा की जा रही भारी ब्लास्टिंग को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। फिलहाल, भू-धसान के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है।
घटना से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने सोनारडीह ओपी का घेराव कर पथराव किया और राजगंज-महुदा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते अवैध उत्खनन पर रोक लगाई जाती, तो यह हादसा टल सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा के विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया और प्रशासन से त्वरित राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की मांग की।
हादसे के कई घंटे बाद तक राहत और बचाव टीम के मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू नहीं होने से मलबे में दबे लोगों की जान को खतरा बढ़ गया है।

