दुमका:प्रखण्ड अन्तर्गत पाटजोर पंचायत के सजनी पाड़ा गाँव के एक लाभुक मुति सोरेन, पति-दुख पाउरिया के द्वारा एक आवेदन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, रानीश्वर को देते हुए यह कहा गया कि मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना अन्तर्गत लाभुक मुति सोरेन को पशुधन स्वीकृत हुआ था और पाटजोर निवासी गौतम घोष के द्वारा उनका आधार कार्ड, फोटो आदि लेकर आसना में बैंक खाता खुलवा दिया गया। उसके बाद गौतम घोष अपने घर में बुलाकर भैंस के साथ फोटो लिया और चेक में हस्ताक्षर कराते हुए यह बोला कि कुछ दिन के बाद भैंस आपको दे देगें परन्तु अभी तक भैंस मिला नहीं है। उक्त आवेदन की जाँच कार्यालय ज्ञापांक 606/वि० दिनांक 06.04.2026 के माध्यम से प्रखण्ड पशुपालन पदाधिकारी, रानीश्वर से कराया गया। प्रखण्ड पशुपालन पदाधिकारी, रानीश्वर द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में मुख्यमंत्री पशुधन योजना के तहत दो गाय योजना की स्वीकृति मुति सोरेन को हुआ है और स्वीकृति के अनुरूप दिनांक 09.10.2024 को पशुधन वितरण कर दिया गया है।परन्तु लाभुक मुति सोरेन के घर में भैंस नही पाया गया। विदित हो कि उक्त योजना 75 प्रतिशत सबसिडी पर लाभुक को देने का प्रावधान है।मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त, दुमका के निदेशानुसार बुधवार को प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, रानीश्वर राजेश कुमार सिन्हा के द्वारा प्रखण्ड पशुपालन पदाधिकारी, रानीश्वर के साथ प्रखण्ड अन्तर्गत पाटजोर पंचायत के लाभुक मुति सोरेन के निवास स्थान जाकर भौतिक निरीक्षण करते हुए लाभुक मुती सोरेन और उनके पति दुखु पाउरिया से बातचीत किया गया। बातचीत के क्रम में लाभुक और लाभुक के पति के द्वारा बताया गया कि दो गाय योजना के तहत अभी तक उनको गाय या भैंस नहीं मिला है। पंचायत का ही गौतम घोष नामक व्यक्ति के द्वारा योजना का लाभदिलाने के नाम पर आधार कार्ड, फोटो आदि के साथ आसना ले जाकर सी०एस०पी० में खाता खुलवाया। उस खाता का पासबुक आज तक लाभुक को नहीं मिला है। लाभुक और लाभुक के पति के द्वारा यह भी बताया कि खाता खुलवाने के कुछ दिनों के बाद गौतम घोष लाभुक मुति सोरेन को अपने घर बुलाकर भैंस के साथ फोये खिचवाया और चेक पर हस्ताक्षर करवा लिया परन्तु आज तक भैंस नहीं दिया। लाभुक के पति द्वारा यह भी बताया गया कि बुधवार को सुबह 08:00 बजे गौतम घोष पंचायत के एक अन्य व्यक्ति भाग्यघर घोष के साथ मेरे घर में आया था, लगभग एक घंटा रहा और बोला कि “बी०डी०ओ० साहब आयेगें तो बोलना कि भैंस हमको मिल गया है। गौतम घोष यह भी बोला कि भैंस मेरे घर में है आपके घर में ला देगें’प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, रानीश्वर द्वारा आरोपी गौतम घोष के घर जाकर पूछताछ किया गया। गौतम घोष के द्वारा बताया गया कि लाभुक मुति सोरेन को नहीं जानते है और न ही उसके घर आज गये थे। बाद में पुनः प्रखण्ड विकास पदाधिकारी द्वारा लाभुक के साथ पुलिस बल की उपस्थिति में गौतम घोष के घर गये परन्तु गौतम घोष घर में नहीं मिला। लाभुक मुति सोरेन के द्वारा उस घर का चिन्हित किया गया जहाँ पर भैंस के साथ लाभुक का फोटो गौतम घोष द्वारा खींचा गया था। पूछताछ करने पर घर के मालिक आशीष घोष द्वारा बताया गया कि उनके घर में और उनके भैंस के साथ लाभुक मुति सोरेन का फोटो गौतम घोष और भाग्यधर घोष के द्वारा खींचा गया था। योजना से संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों को अवलोकन करने पर प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हो रहा है कि मुख्यमंत्री पशुधन योजना में फर्जीवाड़ा कर लाभुकों के नाम पर पशुधन को बिचौलियों के द्वारा हड़पा जा रहा है जिसमें जिला गव्य विकास कार्यालय, दुमका की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। उक्त मामले का गहन जाँच किया जा रहा है जाँचोपरान्त नियमानुसार कारवाई किया जायेगा।उक्त निरीक्षण के दौरान प्रखण्ड पशुपालन पदाधिकारी, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, पंचायत सचिव आदि उपस्थित थे।
