5 साल 3 महीने से लापता सेजल झा का बोकारो पुलिस और स्पेशल ब्रांच अभी तक पता नहीं लगा पाई है। आखिर सेजल किसकी शिकार हुई है, यह बड़ा सवाल आज तक परिवार वालों के सामने खड़ा है। हालांकि अब इस मामले को सीआईडी ने टेकओवर कर लिया है।
सेजल की मां उषा झा को अब रांची में पकड़े गए बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों के साथ बच्चों की बरामद की पर थोड़ी उम्मीद जगी है।
क्योंकि इन अपराधियों का बंगाल कनेक्शन भी है। जहां से सेजल महज 15 मिनट में गायब हो गई वहां से बंगाल का बॉर्डर महज कुछ ही दूरी पर है।
सेजल की मां का कहना है कि इस गिरोह को इस सेजल के मामले से जोड़कर पुलिस को देखना चाहिए।
पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के गिरिधरटाड़ निवासी उषा झा और रामकृष्ण झा की उस वक्त 14 वर्ष की पुत्री सेजल झा 16 अक्टूबर 2020 से गायब है। ट्यूशन के लिए घर से निकली सेजल की साइकिल और किताबें सड़क पर गिरी मिली थी। उस वक्त बोकारो के एसपी चंदन झा थे। इस बीच प्रियदर्शी आलोक, पूज्य प्रकाश और मनोज स्वर्गीयरी और हरविंदर सिंह बोकारो एसपी के पद पर पदस्थापित हुए। लेकिन पुलिस का तंत्र से जल का पता नहीं लगा पाई हालांकि इस मामले में नारको टेस्ट से लेकर दूसरे राज्यों तक पुलिस की टीम भेजी गई लेकिन सेजल का कोई पता नहीं चला।
सेजल की मां उषा जाने बताया कि घटना के बाद से अभी तक बोकारो से कई बच्चे और बच्चियां लापता है। आखिर बोकारो में कौन सा गिरोह बच्चों को गायब कर रहा है।
चास के एसडीपीओ प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि सीआईडी ने इस मामले को टेक ओवर कर लिया है रिकॉर्ड भी सीआईडी ने पत्र लिखकर ले लिया है। पुलिस ने अपने तरफ से कोई कोर का असर नहीं छोड़ा था। उम्मीद है कि सेजल का पता जरूर चलेगा।

