ब्रजेश गंझू के एनकाउंटर की CBI जांच की मांग…………
चतरा। यूपी एटीएस के वाराणसी एनकाउंटर में मारे गए 30 लाख रुपये के इनामी टीएसपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू का शव सोमवार को पैतृक गांव लावालौंग पहुंचा। शव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे। परिजनों ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए पूरे मामले की सीबीआई और मानवाधिकार आयोग से जांच कराने की मांग की।
मृतक के भाई और सिमरिया के पूर्व विधायक गणेश गंझू ने आरोप लगाया कि ब्रजेश को झारखंड से पकड़कर यूपी एटीएस के हवाले किया गया और वाराणसी में उसकी हत्या कर दी गई। पत्नी उषा देवी ने भी न्याय की गुहार लगाई। बेटे ऋषिकेश ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
अंतिम यात्रा के दौरान करीब 200 मीटर तक लोगों की कतार लगी रही। ब्रजेश की मां, दोनों पत्नियों और छह बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। बेटियों ने भी पिता की अर्थी को कंधा दिया।
परिजनों के अनुसार, ब्रजेश ने मुखिया रहते गरीब बेटियों की शादियां कराईं और शिक्षा के लिए जमीन दान कर जीएसबी इंटर कॉलेज बनवाया। वहीं, एनआईए की कार्रवाई में इसी कॉलेज पर कथित टेरर फंडिंग से जुड़े आरोप लगे थे और इसे सील किया गया था। ऐसे में ब्रजेश की भूमिका को लेकर गांव में अलग-अलग धारणाएं सामने आ रही हैं।
