धनबाद। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक युवक को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी खुद को डीआरएम कार्यालय का कर्मचारी बताकर लोगों को रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा देता था और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूलता था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान पाथरडीह के भाटडीह निवासी मंटू कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाकर उनसे पैसे ऐंठ रहा था। वह खुद को रेलवे से जुड़ा अधिकारी या कर्मचारी बताकर लोगों का विश्वास जीतता था और नौकरी लगवाने का आश्वासन देता था।
मामले में वर्द्धमान निवासी कल्पना राय ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे करीब डेढ़ लाख रुपये लिए थे। वहीं जमुई निवासी सूरज भान ठाकुर से भी 18 हजार 700 रुपये की ठगी की गई। दोनों मामलों में आरोपी ने नौकरी दिलाने का भरोसा देकर पैसे वसूले, लेकिन नियुक्ति नहीं कराई।
बुधवार शाम आरोपी एक युवक को नौकरी दिलाने के बहाने धनबाद स्थित डीआरएम कार्यालय लेकर पहुंचा था। इस दौरान युवक को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ। उसने तत्काल आरपीएफ को सूचना दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपी ने लोगों से रुपये लेने की बात स्वीकार कर ली।
इसके बाद आरपीएफ ने आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस और रेलवे प्रशासन ने युवाओं से अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे देने से पहले उसकी पूरी सत्यता की जांच अवश्य करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
