दुमका। झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले आरएचएम स्वास्थ्य विभाग के अनुबंध एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों ने गुरुवार को सिविल सर्जन कार्यालय, दुमका के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सिविल सर्जन को मांग-पत्र सौंपा।
धरना में शामिल कर्मियों ने बताया कि अनुबंध कर्मियों को पिछले तीन से चार माह तथा आउटसोर्सिंग कर्मियों को सात से आठ माह से मानदेय, दैनिक पारिश्रमिक एवं वेतन का भुगतान नहीं हुआ है। इसके कारण उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं। कर्मियों ने कहा कि वे कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन लगातार कर रहे हैं, लेकिन समय पर भुगतान नहीं मिलने से उनमें भारी आक्रोश है।
संघ ने अपने मांग-पत्र में जामताड़ा की दिवंगत अनुबंध एएनएम रेखा कुमारी के आश्रितों को 10 लाख रुपये मुआवजा तथा उनके पति को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की मांग की है। इसके अलावा समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, बकाया प्रोत्साहन राशि का भुगतान, वित्तीय वर्ष 2025-26 की 8 प्रतिशत वेतन वृद्धि लागू करने, स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू करने तथा सभी अनुबंध कर्मियों के लिए ईपीएफ व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।
संघ ने आउटसोर्सिंग एजेंसी व्यवस्था समाप्त करने, आउटसोर्सिंग कर्मियों को अनुबंध पर समायोजित करने, लंबित पारिश्रमिक का एकमुश्त भुगतान, ईएसआई और ईपीएफ में अनियमितताओं की जांच तथा महिला कर्मियों को मातृत्व एवं अन्य अवकाश सुविधाएं देने की भी मांग उठाई।
संघ के जिला सचिव कैलाश प्रसाद साह ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। धरना में महासंघ के जिला मंत्री राजीव नयन तिवारी, अध्यक्ष तपन कुमार ठाकुर, कोषाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे।

